Preveni ब्लॉग

पोज़िशन मॉनिटरिंग सॉफ़्टवेयर और सेंसर के माध्यम से एकत्र आँकड़ों का विश्लेषण: गहन चिकित्सा इकाई में एक अध्ययन

· अपडेट किया गया

पोज़िशन मॉनिटरिंग सॉफ़्टवेयर और सेंसर के माध्यम से एकत्र आँकड़ों का विश्लेषण: गहन चिकित्सा इकाई में एक अध्ययन

परिचय

प्रेशर अल्सर (PU) ऐसी प्रतिकूल घटनाएँ हैं जो गहन चिकित्सा इकाइयों (ICU) में जोखिमग्रस्त रोगियों को हो सकती हैं। लंबे समय तक गतिहीनता से अस्पताल में प्रवास की अवधि और उपचार की लागत बढ़ जाती है। PU की रोकथाम में रोगी की पोज़िशन नियमित रूप से बदलना मौलिक है। इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT) सेंसर के उपयोग से रियल-टाइम पोज़िशन मॉनिटरिंग संभव होती है, जिससे देखभाल टीम व्यक्तिगत रूप से अनुकूलित हस्तक्षेप कर पाती है। इस वृत्तांत का उद्देश्य यह दिखाना है कि एक ICU में रोगियों की सतत देखभाल में इन सेंसरों से एकत्र आँकड़ों का विश्लेषण कैसा रहा। 

उद्देश्य

निगरानी प्रणाली द्वारा तैयार रिपोर्टों का विश्लेषण करना, जो यह विस्तार से बताती हैं कि रिपोज़िशनिंग कितनी बार हुई, रोगी कितने समय तक और किस पोज़िशन में रहा, ताकि प्रेशर अल्सर की रोकथाम में सुधार के क्षेत्र पहचाने जा सकें। उद्देश्य है एक ICU में गंभीर रोगियों में पोज़िशन मॉनिटरिंग सेंसर के उपयोग का मूल्यांकन करना और PU की रोकथाम पर उसके प्रभाव का विश्लेषण करना। यह अध्ययन अस्पताल के संसाधनों के प्रबंधन को अनुकूलित करने की दृष्टि से अलग-अलग पोज़िशन में रोगियों के रहने के समय की भी पड़ताल करता है।

पद्धति

एक तृतीयक अस्पताल की ICU में 31/01/2023 से 17/03/2023 की अवधि में, कुल 45 दिनों तक, भर्ती 10 रोगियों के नमूने पर एक अनुप्रस्थ-काट (cross-sectional), पूर्वव्यापी (retrospective) अध्ययन किया गया। प्रतिभागियों की निगरानी पोज़िशन मॉनिटरिंग सेंसरों से की गई, जिन्होंने पोज़िशन, गति और झुकाव के कोणों में बदलाव का पता लगाया तथा गतिहीनता की अवधियों और रिपोज़िशनिंग की घटनाओं की पहचान की। पूर्व-प्रशिक्षित स्वास्थ्य टीम ने सेंसरों से मिले आँकड़ों का उपयोग आवश्यकता पड़ने पर रोगियों के रिपोज़िशनिंग हेतु लक्षित हस्तक्षेपों के लिए किया। इस विश्लेषण को संस्थान की अनुसंधान नैतिकता समिति ने अनुमोदित किया।

परिणाम

स्वचालित रिकॉर्डिंग

निगरानी सेंसरों के उपयोग से रोगियों की पोज़िशन का स्वचालित अभिलेखन संभव हुआ, जिसमें यह आँकड़ा दर्ज हुआ कि रोगी पीठ के बल, दाईं करवट और बाईं करवट की पोज़िशन में कितने समय तक और कितनी बार रहे। निगरानी अवधि में, उदाहरण के तौर पर एक रोगी के लिए, 31 जनवरी से 27 फ़रवरी 2023 तक कुल 27 दिन, 7 घंटे और 7 मिनट की निगरानी बिना किसी अलर्ट को स्थगित किए दर्ज हुई। सिस्टम का इंटरफ़ेस पूरी निगरानी अवधि के दौरान चलता रहा और बिना रुकावट रियल-टाइम आँकड़े दिखाता रहा, जिससे देखभाल टीम को रोगियों की स्थिति का व्यापक और सतत दृश्य मिला।

किसी निगरानीधीन रोगी की पोज़िशन के स्वचालित अभिलेख के साथ Preveni सिस्टम की स्क्रीन

हर पोज़िशन में कुल समय

नीचे दिए गए ग्राफ़ के अनुसार, पीठ के बल की पोज़िशन सबसे अधिक रही, जिसका समय 12 दिन, 10 घंटे और 39 मिनट था। बाईं और दाईं करवट की पोज़िशन क्रमशः 7 दिन, 5 घंटे और 54 मिनट तथा 7 दिन, 8 घंटे और 56 मिनट के साथ संतुलित रहीं — यह रिपोज़िशनिंग की उपयुक्त प्रथा दर्शाता है, जो प्रेशर अल्सर की रोकथाम के लिए अनिवार्य है।

रोगी की हर पोज़िशन में कुल समय का ग्राफ़: पीठ के बल, बाईं करवट और दाईं करवट

नर्सिंग केयर प्लान बनाम निगरानी

हर पोज़िशन के लिए निर्धारित समय और सेंसर द्वारा वास्तव में मापे गए समय के तुलनात्मक विश्लेषण से पता चला कि पीठ के बल की पोज़िशन का समय निर्धारित समय से अधिक रहा। बाईं और दाईं करवट की पोज़िशन में मापा गया समय निर्धारित समय के करीब रहा, जो देखभाल प्रोटोकॉल के अच्छे अनुपालन को दर्शाता है।

हर पोज़िशन में निर्धारित समय और सेंसर द्वारा मापे गए समय की तुलना करता ग्राफ़

टीम की प्रेरणा, दिशा और प्रतिबद्धता में योगदान के लिए स्वास्थ्य टीम ने इस तकनीक का सकारात्मक मूल्यांकन किया।

निष्कर्ष

यह अध्ययन पोज़िशन मॉनिटरिंग सेंसरों की उस क्षमता को रेखांकित करता है जिससे रोगी की पोज़िशन का रियल-टाइम विश्लेषण होता है और गंभीर देखभाल वाले वातावरण में PU की रोकथाम में उल्लेखनीय योगदान मिलता है। ये सेंसर रोगियों की पोज़िशन के स्वचालित आँकड़े इंटरनेट के माध्यम से देते हैं, जिससे अधिक गतिशील और व्यक्तिगत रूप से अनुकूलित दृष्टिकोण संभव होता है। इससे देखभाल की गुणवत्ता बेहतर होती है और यह अनुशंसित प्रथाओं के अनुरूप है, जो नियमित एवं निगरानीयुक्त रिपोज़िशनिंग के महत्व को रेखांकित करते हुए रोकथाम और रोगी सुरक्षा पर केंद्रित देखभाल की संस्कृति को बढ़ावा देता है। ICU में इस तकनीक का क्रियान्वयन एक प्रभावी और नवाचारी रणनीति है, जो श्रव्य एवं दृश्य सूचनाओं के माध्यम से टीमों की सहायता करती है और ऐसे शीघ्र एवं अनुकूलित हस्तक्षेपों की अनुमति देती है जो PU रोक सकते हैं। आँकड़ों के विश्लेषण से रिपोज़िशनिंग प्रोटोकॉल की समीक्षा और सुधार संभव होता है, जो अस्पताल के संसाधनों के उपयोग को अनुकूलित करने और नैदानिक परिणाम बेहतर करने, प्रक्रियाओं में हुए सुधारों की जाँच करने तथा केंद्रित कार्य-योजनाओं के अवसर पहचानने के लिए एक मूल्यवान उपकरण देता है। ऐसे तकनीकी समाधानों को अपनाना स्वास्थ्य क्षेत्र की उस व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है जिसमें जटिल नैदानिक चुनौतियों से निपटने के लिए नवाचारों को एकीकृत किया जाता है, और जो अधिक सुरक्षित, कुशल एवं गुणवत्तापूर्ण रोगी-केंद्रित देखभाल का वातावरण बढ़ावा देती है।

लेखक

Bruno Shoiti Ullrich Rondem, Camila Rinco Alves Maia, Elaine Cristina Ferreira Ianni, Jessica Sayuri Kojima एवं Sirlene Maria de Melo

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ICU अध्ययन की पद्धति क्या थी?

एक तृतीयक अस्पताल की ICU में 31/01/2023 से 17/03/2023 की अवधि में, कुल 45 दिनों तक, भर्ती 10 रोगियों के नमूने पर एक अनुप्रस्थ-काट, पूर्वव्यापी अध्ययन किया गया। इस विश्लेषण को संस्थान की अनुसंधान नैतिकता समिति ने अनुमोदित किया।

पोज़िशन मॉनिटरिंग सेंसर क्या दर्ज करते हैं?

सेंसरों ने पोज़िशन, गति और झुकाव के कोणों में बदलाव का पता लगाया, गतिहीनता की अवधियों तथा रिपोज़िशनिंग की घटनाओं की पहचान की, और पीठ के बल, दाईं करवट एवं बाईं करवट की पोज़िशन में लगे समय तथा उनकी आवृत्ति का स्वचालित अभिलेखन संभव बनाया।

निगरानीधीन रोगियों में सबसे ज़्यादा कौन-सी पोज़िशन रही?

पीठ के बल की पोज़िशन सबसे अधिक रही, जिसका समय 12 दिन, 10 घंटे और 39 मिनट था, जबकि बाईं और दाईं करवट की पोज़िशन संतुलित रहीं — यह रिपोज़िशनिंग की उपयुक्त प्रथा दर्शाता है।

सेंसर प्रेशर अल्सर की रोकथाम में कैसे मदद करते हैं?

सेंसर रोगियों की पोज़िशन के स्वचालित आँकड़े इंटरनेट के माध्यम से देते हैं और श्रव्य एवं दृश्य सूचनाओं से टीमों की सहायता करते हैं, जिससे ऐसे शीघ्र और अनुकूलित हस्तक्षेप संभव होते हैं जो प्रेशर अल्सर रोक सकते हैं।

सभी लेख देखें